Ladki (लड़की)
लड़की ,लड़की होने से पहले
भावनाओं और संवेदनाओं से मिली-जुली इंसान हैं ।
शायद उसके बिना शहर खंडहर सा लगता
वही तो शहर-ए-चमन की शान है ।
उसके चाल-चलन पर अपना नियत खराब ना कर
बेशक अपना-अपना अंदाज हो सकता है ।
गुरुर नहीं उसे अपने हुस्न पर
यह उसका आत्मविश्वास भी हो सकता है ।
जो सेक्सी और आइटम लगती है
वह सुंदर सुशील और संस्कारी भी तो हो सकती है ।
उसके छोटे भड़कीले पहनावा तुझे खलता है न!
उन्मुक्त सभी का शौक भी तो हो सकता हैै ।
उसका बार-बार देखना गलत संकेत लगता है न!
उन निगाहों में मदद का गुहार भी तो हो सकता है ।
हर किसी को रखेल समझने वाले
किसी ना किसी की मां बहन भी तो हो सकती है ।
चमड़ी के चाहने वाले यूं उन्हें नोचा ना कर
ऐसा करने से पहले
अपने मां बहन का सोचा तो कर ।
मनहूस समझ कर उन्हें मारने वाले
गंगा-जमुना-सरस्वती का अवतार भी तो हो सकती है ।
भावनाओं और संवेदनाओं से मिली-जुली इंसान हैं ।
शायद उसके बिना शहर खंडहर सा लगता
वही तो शहर-ए-चमन की शान है ।
उसके चाल-चलन पर अपना नियत खराब ना कर
बेशक अपना-अपना अंदाज हो सकता है ।
गुरुर नहीं उसे अपने हुस्न पर
यह उसका आत्मविश्वास भी हो सकता है ।
जो सेक्सी और आइटम लगती है
वह सुंदर सुशील और संस्कारी भी तो हो सकती है ।
उसके छोटे भड़कीले पहनावा तुझे खलता है न!
उन्मुक्त सभी का शौक भी तो हो सकता हैै ।
उसका बार-बार देखना गलत संकेत लगता है न!
उन निगाहों में मदद का गुहार भी तो हो सकता है ।
हर किसी को रखेल समझने वाले
किसी ना किसी की मां बहन भी तो हो सकती है ।
चमड़ी के चाहने वाले यूं उन्हें नोचा ना कर
ऐसा करने से पहले
अपने मां बहन का सोचा तो कर ।
मनहूस समझ कर उन्हें मारने वाले
गंगा-जमुना-सरस्वती का अवतार भी तो हो सकती है ।
Khati hai bhai
ReplyDeleteWell done
DeleteTq
DeleteTq bhai
DeleteEk no.
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