अब तू आजाद है


एक परिंदा
किसी जालिम के कैद से आजाद है

 फैला ले
 अपने पर...
 नाच ले
 डाल-डाल पर...
 घूम ले
 सारा आसमान...
 चुग ले
 सारे दाने...
 बना ले
 अनगिन घोसले....

अब तू आजाद है....../Vp/

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